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शापित शहर – एपिसोड 13: यादों का जाल

 


पिछले एपिसोड में:

विराट को लगा कि वह खेल से बाहर आ चुका है, लेकिन उसे पता चला कि यह सिर्फ़ नया स्तर है। हर घड़ी 3:33 AM पर रुकी थी, और अर्णव, जो मर चुका था, अचानक उसके सामने खड़ा था।

एक रहस्यमयी फोन कॉल ने विराट से पूछा—"याद करो कि तुम इस खेल में आए कैसे थे।"

अब सवाल यह था—क्या विराट सच में कभी बाहर था, या वह हमेशा से इस खेल का हिस्सा था?


अध्याय 1: धुंधली यादें

फोन अभी भी बज रहा था।

विराट के कानों में वही आवाज़ गूँज रही थी—"याद करो कि तुम इस खेल में आए कैसे थे।"

"लेकिन… मैं याद कैसे करूँ?" विराट बुदबुदाया।

अर्णव उसके पास आया और बोला, "शायद तुम्हें हमेशा से सब पता था।"

"क्या मतलब?"

अर्णव मुस्कुराया। "क्या तुम्हें याद है कि तुम इस खेल में कब आए थे?"

"हाँ," विराट ने कहा। "मैं और अर्णव एक रहस्यमयी शहर की जाँच करने गए थे।"

"और उससे पहले?" अर्णव ने पूछा।

विराट ने अपना सिर पकड़ लिया।

"मुझे याद नहीं…"


अध्याय 2: असली दुनिया का भ्रम

विराट ने गहरी साँस ली।

"अगर यह खेल है, तो असली दुनिया कहाँ है?" उसने खुद से पूछा।

"अगर यह खेल नहीं है, तो हम यहाँ क्यों फँसे हुए हैं?"

अर्णव ने फोन की ओर इशारा किया।

"शायद जवाब उधर है।"

विराट ने फोन उठाया।

दूसरी तरफ से फिर वही आवाज़ आई—

"तुम असली हो?"

विराट सन्न रह गया।

"क्या?"

"क्या तुम सच में विराट हो?"

विराट के हाथ काँप गए।


अध्याय 3: कौन है विराट?

"मैं… विराट हूँ।"

"क्या तुम्हें यकीन है?"

विराट ने अर्णव की ओर देखा।

"अर्णव, यह सब क्या है?"

अर्णव ने कोई जवाब नहीं दिया।

विराट ने अपने हाथों को देखा—क्या ये उसके ही हाथ थे?

फिर अचानक, सामने की खिड़की में उसका प्रतिबिंब दिखा।

लेकिन यह उसका चेहरा नहीं था।


अध्याय 4: असली विराट कौन है?

विराट का दिल तेज़ी से धड़कने लगा।

"यह… मैं नहीं हूँ।"

अर्णव ने गहरी साँस ली।

"अब तुम समझ रहे हो?"

"नहीं… यह संभव नहीं है!"

"याद करो, विराट। क्या तुम असली दुनिया से आए थे, या तुम हमेशा से इस खेल में थे?"


अध्याय 5: खेल का आखिरी राज़

विराट की यादें बिखरने लगीं।

क्या वह कभी असली दुनिया में था?

उसे याद आया—पहली बार जब उसने खेल शुरू किया था, तब वह पहले से ही इसमें था।

"नहीं… नहीं…"

वह ज़मीन पर गिर पड़ा।

अर्णव ने उसकी ओर देखा और कहा—

"तुम इस खेल के पहले खिलाड़ी हो, विराट।"


(अगला एपिसोड: "खुद से सामना")

क्या विराट सच में इस खेल का पहला खिलाड़ी था? अगर हाँ, तो क्या वह कभी इससे बाहर निकल सकता है?

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