पिछले एपिसोड में: विराट को लगा कि वह खेल से बाहर आ चुका है, लेकिन उसे पता चला कि यह सिर्फ़ नया स्तर है। हर घड़ी 3:33 AM पर रुकी थी , और अर्णव, जो मर चुका था, अचानक उसके सामने खड़ा था। एक रहस्यमयी फोन कॉल ने विराट से पूछा— "याद करो कि तुम इस खेल में आए कैसे थे।" अब सवाल यह था— क्या विराट सच में कभी बाहर था, या वह हमेशा से इस खेल का हिस्सा था? अध्याय 1: धुंधली यादें फोन अभी भी बज रहा था। विराट के कानों में वही आवाज़ गूँज रही थी— "याद करो कि तुम इस खेल में आए कैसे थे।" "लेकिन… मैं याद कैसे करूँ?" विराट बुदबुदाया। अर्णव उसके पास आया और बोला, "शायद तुम्हें हमेशा से सब पता था।" "क्या मतलब?" अर्णव मुस्कुराया। "क्या तुम्हें याद है कि तुम इस खेल में कब आए थे?" "हाँ," विराट ने कहा। "मैं और अर्णव एक रहस्यमयी शहर की जाँच करने गए थे।" "और उससे पहले?" अर्णव ने पूछा। विराट ने अपना सिर पकड़ लिया। "मुझे याद नहीं…" अध्याय 2: असली दुनिया का भ्रम विराट ने गहरी साँस ली। "अगर यह खेल...
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